गवर्नर मल्होत्रा ने कहा कि RBI वित्तीय स्थिरता और दक्षता के हितों में संतुलन बनाकर अपने नियामक ढांचे को अनुकूलतम बनाने का प्रयास करेगा.
भारतीय रिजर्व बैंक यानी की RBI के गवर्नर संजय मल्होत्रा ने 1 मार्च को मंगलवार को कहा कि बैंक व्यापक वित्तीय समावेशन और ग्राहक सेवा एवं सुरक्षा बढ़ाने पर जोर देगा.
संजय मल्होत्रा ने केंद्रीय बैंक के 90 वर्ष पूरे होने के उपलक्ष्य में आयोजित एक कार्यक्रम में कहा, “हम ग्राहक सेवाओं में निरंतर सुधार और ग्राहक सुरक्षा को मजबूत करने की संस्कृति को बढ़ावा देने का पूरा प्रयास करेंगे.”
उन्होंने कहा, “अगला दशक हमारी अर्थव्यवस्था की वित्तीय संरचना को आकार देने में महत्वपूर्ण होगा.”
संजय मल्होत्रा ने कहा कि भारतीय रिजर्व बैंक RBI वित्तीय स्थिरता और दक्षता के हितों में संतुलन बनाकर अपने नियामक ढांचे को अनुकूलतम बनाने का प्रयास करेगा.
केंद्रीय बजट से एक दिन पहले सर्वेक्षण में कहा गया था कि विनियमन को स्थिरता और लचीलापन सुनिश्चित करते हुए वित्तीय क्षेत्र की वृद्धि को प्रोत्साहित करना चाहिए. जनवरी में संसद में पेश किए गए आर्थिक सर्वेक्षण में कहा गया था कि वित्तीय क्षेत्र के विनियमन में वृद्धि और स्थिरता के बीच संतुलन होना चाहिए.
संजय मल्होत्रा ने कहा, “इस मील के पत्थर को चिह्नित करते हुए, हम मानते हैं कि रिजर्व बैंक की भूमिका अपने प्रारंभिक अधिदेश से काफी आगे बढ़ गई है.” उन्होंने कहा कि आज केंद्रीय बैंक परंपरा और परिवर्तन के संगम पर खड़ा है.
उन्होंने कहा, “…जहां मूल्य स्थिरता, वित्तीय स्थिरता और आर्थिक विकास की अनिवार्यताएं तीव्र तकनीकी प्रगति, वैश्विक अनिश्चितताओं, जलवायु परिवर्तन की चुनौतियों और बढ़ती सार्वजनिक अपेक्षाओं के साथ जुड़ती हैं.”
मल्होत्रा ने इस कार्यक्रम में कहा कि आरबीआई की आगे की यात्रा के लिए निरंतर अनुकूलन और चपलता, नई सोच और नवाचार, सहयोग और समन्वय और उत्कृष्टता और पूर्णता के प्रति अटूट प्रतिबद्धता की आवश्यकता होगी .
उन्होंने कहा, “हम, रिजर्व बैंक में, सभी चुनौतियों का सामना करने और सभी अवसरों का लाभ उठाने के लिए तैयार हैं, और भारत की आर्थिक प्रगति में सक्रियतापूर्वक और मजबूती से योगदान देने के लिए पूरी तरह तैयार हैं.”
मल्होत्रा केमुताबिक, भले ही आरबीआई नई प्रौद्योगिकियों और आधुनिक नियामक दृष्टिकोणों को अपना रहा है, फिर भी इसके मूल मूल्य ईमानदारी, पारदर्शिता और सार्वजनिक सेवा के प्रति प्रतिबद्धता और संस्था का मार्गदर्शन करते रहेंगे.
उन्होंने कहा, “भारत के लोगों का रिजर्व बैंक यानी की RBI बैंक पर जो भरोसा है, वह हमारी सबसे बड़ी संपत्ति है. और हम इसे बनाए रखने और आने वाले वर्षों में इसे और मजबूत बनाने के लिए प्रतिबद्ध हैं.”
1 अप्रैल मंगलवार के कार्यक्रम में भारत की राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू, महाराष्ट्र के राज्यपाल सी.पी. राधाकृष्णन और महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेन्द्र फड़नवीस सहित अन्य गणमान्य व्यक्ति उपस्थित थे.
इसके अलावा, इस कार्यक्रम में RBI के पूर्व अधिकारियों, एचएसबीसी इंडिया के मुख्य कार्यकारी अधिकारी हितेंद्र दवे, एक्सिस बैंक के मुख्य कार्यकारी अधिकारी अमिताभ चौधरी और कोटक महिंद्रा बैंक के संस्थापक और गैर-कार्यकारी निदेशक उदय कोटक सहित कई बैंकों के प्रमुख भी इस कार्यक्रम में शामिल हुए.