जम्मू-कश्मीर मुठभेड़ : कठुआ में आतंकियों की नजर पड़ने के बाद फायरिंग, तलाशी अभियान जारी,जानिए विस्तार से

Hetal Chudasma

रिपोर्टों के अनुसार, माना जा रहा है कि ये आतंकवादी वही समूह हैं जो रविवार शाम को जिले के हीरानगर सेक्टर में मुठभेड़ के बाद भाग निकले थे.

जम्मू कश्मीर आतंकियों : अधिकारियों के मुताबिक, आज 27 मार्च  सुबह राजबाग के घाटी जुथाना इलाके में कुछ आतंकवादियों को देखे जाने के बाद कठुआ में गोलीबारी की घटना की सूचना मिली. जम्मू-कश्मीर पुलिस ने कहा कि सुरक्षा बलों ने इलाके की घेराबंदी कर दी है. रिपोर्टों का मानना ​​है कि आतंकवादी वही समूह हैं जो रविवार शाम को जिले के हीरानगर सेक्टर में मुठभेड़ के बाद भाग निकले थे.

हीरानगर में क्या हुआ था ?

23 मार्च को हीरानगर में जब सुरक्षाकर्मी तलाशी अभियान पर थे तब  इसी तरह की गोलीबारी की घटना सामने आई थी. जम्मू-कश्मीर पुलिस सहित भारतीय सेना की राइजिंग स्टार कोर की टुकड़ियों ने हीरानगर, कठुआ में खुफिया जानकारी के आधार पर एक संयुक्त अभियान शुरू किया था. राइजिंग स्टार कोर, भारतीय सेना ने कहा, “आतंकवादियों की मौजूदगी के बारे में खुफिया जानकारी के आधार पर, 23 मार्च 25 को सामान्य क्षेत्र सानियाल #हीरानगर में @JmuKmrPolice और #राइजिंगस्टार कोर के जवानों द्वारा एक संयुक्त अभियान शुरू किया गया है. और यह अभियान जारी है.”

प्रतिबंधित आतंकी संगठनों के संबंध में अनंतनाग में तलाशी

जम्मू-कश्मीर पुलिस ने प्रतिबंधित आतंकी संगठनों की जांच के सिलसिले में बुधवार 26 मार्च  को अनंतनाग जिले में कई जगहों पर तलाशी अभियान जारी रखा. इसके बाद इलाके में सुरक्षा चिंताएं बढ़ गई हैं, क्योंकि सुरक्षा बल केंद्र शासित प्रदेश में आतंकी गतिविधियों को फिर से पनपने से रोकने के लिए लगातार काम कर रहे हैं.

विशेष अभियान समूह एसओजी अनंतनाग, सीआरपीएफ और 19 राष्ट्रीय राइफल्स (आरआर) और सीआरपीएफ से युक्त सुरक्षा बलों ने मंगलवार को पुलिस स्टेशन उत्तर्सू के अधिकार क्षेत्र के अंतर्गत दूरदराज के सांगलान वन क्षेत्र में एक आतंकवादी ठिकाने का पता लगाया और उसे नष्ट कर दिया.

अनंतनाग के एसएसपी जीवी संदीप ने कहा, “हमें एक खास इनपुट मिला था. हमने चित्रगुल में आतंकवादियों की मौजूदगी को बेअसर करने के लिए सीआरपीएफ के साथ एक संयुक्त टीम बनाई और तलाशी अभियान चलाया.  और बाद में हमने एक आतंकवादी ठिकाने का भंडाफोड़ किया है और उस ठिकाने से बहुत सारे हथियार और गोला-बारूद बरामद किए गए हैं और अभी जांच चल रही है. इस ठिकाने से आतंकवादियों को रसद सहायता दी जाती थी.”

एसएसपी संदीप के मुताबिक  हसनपोरा बिजबेहरा में एक अवैध संरचना का संबंध पाकिस्तान स्थित लश्कर-ए-तैयबा के हैंडलर हारून राशिद गनी से था, जो 2018 से पाकिस्तान से सक्रिय है. अनंतनाग पुलिस ने “आतंकवादी पारिस्थितिकी तंत्र” को तहस-नहस कर दिया. गनी कथित तौर पर स्थानीय युवाओं को कट्टरपंथी बना रहा है और उन्हें आतंकवादी गतिविधि का हिस्सा बना रहा है. उन्होंने कहा कि जम्मू-कश्मीर पुलिस ऐसे हैंडलर पर नज़र रख रही है.

एसएसपी संदीप ने कहा, “अगर पाकिस्तान से कोई भी आतंकवादी गतिविधियों को अंजाम देने की कोशिश करता है, तो उसके खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी.आतंकवादियों और उनके मददगारों के लिए यहां कोई जगह नहीं है.  हम अवैध अतिक्रमण और आतंकवाद को समर्थन देने वाले ढांचों को बर्दाश्त नहीं करेंगे. हमारी कानून प्रवर्तन एजेंसी पूरी तरह से तैयार है और एक ही, स्पष्ट संदेश देना चाहती है.”

एसएसपी संदीप ने कहा, प्रारंभिक जांच से पता चलता है कि आतंकवादियों द्वारा इसे रसद अड्डे के रूप में इस्तेमाल किया जा रहा था.  इस ठिकाने से बरामद वस्तुओं में लगभग 200 खाली एके कारतूस, एक चीनी ग्रेनेड, दो गैस सिलेंडर, एक नाइट विजन डिवाइस (एनवीडी), खाने के पैकेट, बिस्तर और बर्तन शामिल हैं.

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