शिवसेना (यूबीटी) के संजय राउत ने दावा किया कि पीएम मोदी ने अपने रिटायरमेंट की घोषणा करने के लिए आरएसएस मुख्यालय का दौरा किया, जिससे उनके उत्तराधिकारी के बारे में चर्चा शुरू हो गई. महाराष्ट्र के सीएम फडणवीस ने इसे खारिज करते हुए कहा कि मोदी कम से कम 2029 तक पीएम बने रहेंगे.
शिवसेना यानि यूबीटी के नेता संजय राउत ने 31 मार्च सोमवार को दावा किया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी रविवार को महाराष्ट्र के नागपुर में आरएसएस मुख्यालय गए और “अपने रिटायरमेंट की घोषणा की.” राउत ने यह भी दावा किया कि पीएम मोदी के उत्तराधिकारी पर चर्चा के लिए ‘बंद कमरे’ में बैठक हुई और कहा कि अगला पीएम महाराष्ट्र से होगा. यह पहली बार नहीं है जब पीएम मोदी के रिटायरमेंट को लेकर अटकलें खबरों में आई हों.
अब सवाल यह है की क्या प्रधानमंत्री मोदी इस वर्ष 17 सितम्बर को 75 वर्ष के हो जाएंगे और वे सेवानिवृत्त हो जाएंगे?
संजय राउत का दावा
शिवसेना के नेता संजय राउत ने बड़ा दावा किया कि पीएम मोदी ने नागपुर में RSS मुख्यालय का दौरा कर ‘अपने संन्यास की घोषणा’ की है. उन्होंने कहा कि मोदी ने पिछले 10-11 सालों में RSS मुख्यालय का दौरा नहीं किया है, जिससे पता चलता है कि यह यात्रा महत्वपूर्ण थी और उनके राजनीतिक भविष्य से जुड़ी थी.
संजय राउत ने यह स्पष्ट किया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 75 वर्ष की आयु में सेवानिवृत्त हो सकते हैं, जो सितंबर 2025 तक होगी.
‘मोदी के उत्तराधिकारी की तलाश की जरूरत नहीं’
महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री और भाजपा नेता देवेंद्र फड़नवीस ने संजय राउत के दावे को खारिज करते हुए कहा कि पीएम मोदी के उत्तराधिकारी की तलाश करने की कोई जरूरत नहीं है क्योंकि वह 2029 में फिर से शीर्ष पद पर बने रहेंगे.
भाजपा के नेता सीएम फडणवीस ने कहा की “हमारी संस्कृति में, जब पिता जीवित हो, तो उत्तराधिकार के बारे में बात करना अनुचित है. यह मुगल संस्कृति है. इस पर चर्चा करने का समय अभी नहीं आया है.”
इस बात के दौरान, नागपुर में मौजूद RSS के वरिष्ठ नेता सुरेश ‘भैयाजी’ जोशी ने कहा कि उन्हें प्रधानमंत्री को बदलने की किसी चर्चा की जानकारी नहीं है.
क्या भाजपा में 75 वर्ष की आयु में रिटायर होने का नियम है?
मई 2024 में, जब भारत लोकसभा चुनावों के लिए कमर कस रहा था, तब इस बात को लेकर अटकलें लगाई जाने लगीं कि क्या पीएम मोदी, जो तब तीसरा कार्यकाल चाह रहे थे, सितंबर 2025 में 75 साल के होने पर सेवानिवृत्त हो जाएंगे. हालांकि, अमित शाह और राजनाथ सिंह समेत कई प्रमुख भाजपा नेताओं ने इन अफवाहों को खारिज कर दिया.
विपक्षी दल मतदाताओं को भाजपा के आंतरिक ’75 वर्ष से ऊपर के लोगों को टिकट नहीं’ नियम के बारे में याद दिलाते रहे हैं. यह नीति कई वर्षों से लागू है, अमित शाह ने 2019 के लोकसभा चुनावों से पहले भी कहा था कि भाजपा ने 75 वर्ष से ज्यादा आयु के किसी भी उम्मीदवार को मैदान में नहीं उतारने का फैसला किया है. शाह ने 2019 के चुनावों के लिए प्रचार करते हुए द वीक से कहा था, “75 वर्ष से ज्यादा आयु के किसी भी व्यक्ति को टिकट नहीं दिया गया है. यह पार्टी का निर्णय है.”
साल 2019 में यह भी बताया गया कि संसदीय बोर्ड की बैठक के दौरान, भाजपा नेतृत्व जीत की संभावना को प्राथमिकता देने के लिए 75 वर्ष से ज्यादा उम्र के उम्मीदवारों को सीट देने से इनकार करने जैसी नीतियों का त्याग करने के लिए तैयार था.
हालांकि, अमित शाह ने मई 2024 में अपना रुख बदल दिया और कहा, “मैं स्पष्ट करना चाहता हूं कि भाजपा के संविधान में ऐसा कोई प्रावधान नहीं है और मोदी जी 2029 तक देश का नेतृत्व करेंगे और आने वाले चुनावों का नेतृत्व भी मोदी जी ही करेंगे.”
केंद्रीय मंत्री राजनाथ सिंह से ’75 वर्ष से ऊपर के लोगों को टिकट नहीं’ के नियम के बारे में पूछा गया, जो कथित तौर पर उनके भाजपा अध्यक्ष रहते हुए लागू किया गया था.
इस पर वरिष्ठ भाजपा नेता ने जवाब दिया था, “ऐसा कभी तय नहीं हुआ. आप मोटे अक्षरों में लिख सकते हैं कि ऐसा कोई निर्णय नहीं लिया गया… मैं पार्टी अध्यक्ष था और मैं जोर देकर कह रहा हूं कि ऐसा कोई निर्णय नहीं लिया गया. अगर ऐसा निर्णय लिया गया होता तो पार्टी संविधान में इसका उल्लेख किया गया होता.”
क्या अमित शाह पीएम मोदी की जगह लेंगे?
2024 में, तिहाड़ जेल से बाहर आते ही आम आदमी पार्टी (आप) के नेता अरविंद केजरीवाल ने दावा किया था कि 2024 के लोकसभा चुनाव में पीएम मोदी को वोट देना, प्रधानमंत्री के रूप में अमित शाह को वोट देने के समान होगा, क्योंकि सितंबर 2025 को 75 वर्ष की आयु होने पर मोदी राजनीति से संन्यास ले लेंगे.
हालांकि, उनकी टिप्पणियों पर प्रतिक्रिया देते हुए अमित शाह ने कहा कि नरेन्द्र मोदी पूरे कार्यकाल तक प्रधानमंत्री बने रहेंगे और भाजपा के संविधान में सेवानिवृत्ति की कोई आयु का उल्लेख नहीं है.
क्या भारतीय संविधान में प्रधानमंत्रियों के लिए कोई आयु सीमा है?
भारतीय संविधान में भारत के प्रधानमंत्री के लिए अधिकतम आयु सीमा निर्दिष्ट नहीं की गई है. पात्रता मानदंड के अनुसार प्रधानमंत्री को लोकसभा के लिए चुने जाने पर कम से कम 25 वर्ष या राज्यसभा के लिए चुने जाने पर 30 वर्ष की आयु होनी चाहिए, साथ ही नियुक्ति के छह महीने के भीतर नागरिकता और संसद की सदस्यता जैसी अन्य योग्यताएं भी होनी चाहिए. भारतीय संविधान में सेवानिवृत्ति की कोई आयु नहीं बताई गई है.