सुनीता विलियम्स :अंतरिक्ष में ‘अविश्वसनीय’ हिमालय के ऊपर से गुजरने के बाद, क्या सुनीता विलियम्स भारत यात्रा की योजना बना रही हैं? जानिए विस्तार से

Hetal Chudasma

नासा की अंतरिक्ष यात्री सुनीता विलियम्स ने अपने नौ महीने के अंतरिक्ष प्रवास के दौरान भारत की सुंदरता और विविधता की प्रशंसा की, उन्होंने कहा कि यह देश रोशनी के एक नेटवर्क जैसा है. वह भारत आने और इसरो से मिलने की योजना बना रही हैं, और हिमालय और अंतरिक्ष से दिखाई देने वाली भौगोलिक संरचनाओं के लिए प्रशंसा व्यक्त करती हैं.

भारत देश को “महान लोकतंत्र वाला अद्भुत देश” बताते हुए नासा की अंतरिक्ष यात्री सुनीता विलियम्स ने  1 अप्रैल मंगलवार को कहा कि वह शीघ्र ही भारत आने और अपनी यात्रा के दौरान इसरो की टीम से मिलने की योजना बना रही हैं.

सुनीता विलियम्स की मां उर्सुलाइन बोनी पांड्या स्लोवेनियाई-अमेरिकी मूल की हैं, जबकि उनके पिता दीपक पांड्या भारत के गुजरात से हैं.

नासा स्पेसएक्स क्रू-9 उड़ान उपरांत समाचार सम्मेलन में सुनीता विलियम्स ने भारत के प्रति अपनी प्रशंसा व्यक्त करते हुए कहा, कि अंतरिक्ष में अपने नौ महीने के प्रवास के दौरान जब भी उनका अंतरिक्ष यान हिमालय के ऊपर से गुजरा, तो यह एक  ‘अद्भुत’ अनुभव रहा.

इसके अलावा उन्होंने कहा की , “मुझे उम्मीद है और मुझे पूरा विश्वास है कि मैं अपने पिता के देश वापस जाऊंगी और लोगों से मिलूंगी और  इसरो मिशन पर जाने वाले भारतीय अंतरिक्ष यात्रियों के बारे में उत्साहित होऊंगी.”

सुनीता विलियम्स ने भारत के बारे में की बाते

अंतरिक्ष यात्री सुनीता विलियम्स ने कहा कि वह भारत के भौगोलिक गठन को देख सकती हैं, जब भूभाग टकराकर हिमालय का निर्माण हुआ, तो उसके प्रभाव स्वरूप भारत का निर्माण हुआ.

उन्होंने कहा , “भारत अद्भुत है. हर बार जब हम हिमालय के ऊपर गए- हमें हिमालय की कुछ अविश्वसनीय तस्वीरें मिलीं जिसे देख कर उन्होंने कहा की ये तो यह अद्भुत था. जैसा कि मैंने पहले भी बताया है, ठीक वैसे ही जैसे यह लहर उठी. जाहिर है, यह तब हुआ जब प्लेटें टकराईं और फिर जब वे भारत में बहकर आईं. यह कई, कई रंगों का है.”

सुनीता विलियम्स ने  अंतरिक्ष से दिखाई देने वाली भारत की विविधता के बारे में बात की और प्रशंसा की, जिसमें हिमालय से लेकर पूर्व की भिन्न संस्कृति और पश्चिम में मछली पकड़ने वाले बेड़े तक शामिल थे.

उन्होंने कहा, “मुझे लगता है कि जब आप पूर्व से आते हैं, और गुजरात और मुंबई जैसे क्षेत्रों में जाते हैं, तो वहां के तट पर मौजूद मछली पकड़ने वाला बेड़ा आपको थोड़ा सा संकेत देता है कि हम आ गए हैं! पूरे भारत में.”

अपनी नासा स्पेसएक्स क्रू-9 की यात्रा के दौरान देखि गई तस्वीर के पर विलियम्स ने कहा कि भारत देश रोशनी के एक नेटवर्क की तरह लग रहा है, जिसमें प्रमुख शहर सबसे अधिक चमकीले हैं और छोटे शहरों की ओर उनकी रोशनी कम होती जा रही है.

उसने कहा, “मुझे लगता है कि मुझे ऐसा लगा कि यह बड़े शहरों से छोटे शहरों तक जाने वाली रोशनी का एक नेटवर्क है. इस नज़ारे को रात में देखना अविश्वसनीय था, साथ ही दिन में भी. बेशक, हिमालय द्वारा हाइलाइट किया गया, जो भारत में नीचे जाने वाले एक अग्रभाग के रूप में अविश्वसनीय है.”

नासा के अंतरिक्ष यात्रियों की पृथ्वी पर वापसी

नासा के अंतरिक्ष यात्री सुनीता विलियम्स, निक हेग और बुच विल्मोर, रोस्कोस्मोस अंतरिक्ष यात्री अलेक्सांद्र गोरबुनोव के साथ, 18 मार्च को स्पेसएक्स के ड्रैगन अंतरिक्ष यान से पृथ्वी पर लौट आए, जो फ्लोरिडा के तल्हासी तट के पास समुद्र में सुरक्षित रूप से उतरा.

बोइंग के नए स्टारलाइनर कैप्सूल के परीक्षण पायलट सुनीता और विल्मोर के लिए, आठ दिन का मिशन पर गए थे पर अप्रत्याशित रूप से नौ महीने के प्रवास में बदल गया, क्योंकि हीलियम लीक और थ्रस्टर विफलताओं की एक श्रृंखला ने उनके अंतरिक्ष यान को असुरक्षित बना दिया.जबकी स्टारलाइनर कैप्सूल सितंबर में उनके बिना ही वापस लौटा.

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने उनके लचीलेपन की प्रशंसा करते हुए कहा, “यह उनके धैर्य, साहस और असीम मानवीय भावना की परीक्षा रही है. सुनीता विलियम्स और #Crew9 अंतरिक्ष यात्रियों ने एक बार फिर हमें दिखाया है कि दृढ़ता का असली मतलब क्या होता है. विशाल अज्ञात के सामने उनका अटूट दृढ़ संकल्प हमेशा लाखों लोगों को प्रेरित करेगा.”

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