पीएम मोदी दुनिया के सबसे ऊंचे रेलवे पुल का निरीक्षण और उद्घाटन करेंगे. जम्मू रेलवे स्टेशन पर नवीनीकरण कार्य के कारण, वंदे भारत ट्रेन शुरुआत में कटरा से चलेगी.
केंद्रीय मंत्री जितेंद्र सिंह ने 30 मार्च रविवार को कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 19 अप्रैल को कश्मीर के कटरा से श्रीनगर तक पहली वंदे भारत ट्रेन को हरी झंडी दिखाएंगे, जो 272 किलोमीटर लंबे उधमपुर-श्रीनगर-बारामुल्ला रेल खंड परियोजना के पूरा होने का प्रतीक है. इसके अलावा,प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 19 अप्रैल को दुनिया के सबसे ऊंचे रेलवे पुल का निरीक्षण और उद्घाटन भी करेंगे.
शुरुआत में, जम्मू रेलवे स्टेशन पर नवीनीकरण कार्य के कारण वंदे भारत ट्रेन कटरा से चलेगी. एएनआई ने बताया कि अगस्त के आसपास यह काम पूरा हो जाने के बाद, ट्रेन जम्मू से चलने लगेगी. प्रधानमंत्री मोदी के उधमपुर दौरे के साथ ही कश्मीर के लिए सीधी रेल कनेक्टिविटी की लंबे समय से प्रतीक्षित मांग पूरी हो जाएगी.
केंद्रीय मंत्री जितेंद्र सिंह ने कहा, “19 अप्रैल को प्रधानमंत्री उधमपुर पहुंचेंगे. इसके बाद वह दुनिया के सबसे ऊंचे रेल पुल का निरीक्षण करेंगे और उसका उद्घाटन करेंगे. इसके बाद वह कटरा पहुंचेंगे और वंदे भारत ट्रेन का उद्घाटन करेंगे. जम्मू रेलवे स्टेशन पर नवीनीकरण कार्य के कारण जम्मू-श्रीनगर वंदे भारत सेवा को कटरा से अस्थायी रूप से शुरू किया जा रहा है. काम पूरा होने के बाद अगस्त के आसपास ट्रेन तय कार्यक्रम के अनुसार जम्मू से चलने लगेगी.”
जम्मू कश्मीर वंदे भारत ट्रेन की विशेषताएं
जम्मू-श्रीनगर वंदे भारत ट्रेन को खास रूप से एंटी-फ्रीजिंग सुविधाओं के साथ बनाया गया है. रेल मंत्रालय के मुताबिक, यात्री और मालगाड़ियों के आगे चलने वाली बर्फ हटाने वाली ट्रेन से यह सुनिश्चित करने की उम्मीद है कि इस रणनीतिक मार्ग पर ट्रेनें पूरे साल दिन-रात चलेंगी.
इसमें दोनों क्षेत्रों के बीच हर मौसम में संपर्क शामिल होगा. रेलवे ने इस वंदे भारत रेल परियोजना में कंपन रोधी भूकंपीय उपकरणों का इस्तेमाल किया है, जिसका मुख्य उद्देश्य यात्रियों की सुरक्षा करना है, क्योंकि जम्मू का यह क्षेत्र जोन-5 भूकंपों के लिए संवेदनशील है. इसमें कहा गया है कि डैम्पर्स हिमालयी भूभाग में होने वाले झटकों को अवशोषित कर लेंगे, जिससे यात्रा तेज और सुरक्षित हो जाएगी.
इसके अलावा इसमें कहा गया है की, “कश्मीर में चलने वाली वंदे भारत एक्सप्रेस देशभर में चलने वाली वंदे भारत एक्सप्रेस से अलग है. इसे विशेष रूप से अत्यधिक ठंड की स्थिति में सुचारू रूप से संचालित करने के लिए डिज़ाइन किया गया है, यानी -20 डिग्री सेल्सियस तक के तापमान में भी. यात्रियों और ड्राइवरों के आराम को सुनिश्चित करने के लिए, ट्रेन को उन्नत हीटिंग सिस्टम से लैस किया गया है.”
मंत्रालय ने अपनी विज्ञप्ति में कहा कि ड्राइवर के केबिन में गर्म विंडशील्ड है, ताकि कोहरा या जमने से बचा जा सके और अत्यधिक तापमान में दृश्यता बढ़े. इसमें पानी को जमने से रोकने के लिए प्लंबिंग और बायो-टॉयलेट में हीटिंग तत्व हैं, जिससे ठंड के मौसम में भी ज़रूरी सिस्टम काम करते रहेंगे.
कश्मीर रेल लिंक परियोजना के बारे में
कश्मीर को जोड़ने वाली रेल परियोजना 1997 में शुरू हुई थी. हालांकि, स्थलाकृतिक, भूवैज्ञानिक और मौसम संबंधी चुनौतियों के कारण इसमें कई देरी हुई. इस रेल परियोजना में 38 सुरंगें शामिल हैं और यह कुल 119 किलोमीटर की दूरी तक फैली हुई है. इनमें से सबसे लंबी सुरंग 12.75 किलोमीटर (सुरंग टी-49) की दूरी तक फैली हुई है. मीडिया रिपोर्ट्स में अधिकारियों के हवाले से कहा गया है कि यह भारत की सबसे बड़ी और सबसे लंबी परिवहन सुरंग भी है.